1 अगस्त से बदल जाएगा UPI के बदल जाएंगे 6 नियम -Balance Check  से Autopay तक पूरी लिस्ट देखें BSCK News 

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राष्ट्रीय भुगतान नियम (NPCI) मैं 1 अगस्त 2025 से यूनिक पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं इन बदलाव का मकसद यूपीआई सिस्टम पर ज्यादा स्थिर और प्रभावी बना रहे जिस पर सर्वर पर बढ़ता बोझ कम है और उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव मिलेभारत यूपीआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा और यह भारतमें यूपीआई इस्तेमाल के डिजिटल पेमेंट में सबसे लोकप्रिय तरीका बन चुका है इसी मां को मध्य में ध्यान रखते हुए एनपीसीआई में नए नियम लागू किया ताकि भुगतान की प्रक्रिया को सरलऔर तेजी सुरक्षित बनी रहे इसके लेकर नए नियम लागू किया जा रहा है जो सभी उपयोगकर्ताओं को जानना जरूरी होगा

यह बदलाव खास तौर पर बैलेंस चेक करने की संख्या पर नियंत्रित आउटपुट जंक्शन किस समय बदलाव और ट्रांजैक्शन की स्थिति जांच के नियमों से जुड़ा है पिछले कुछ महीने में यूपीआई सर्वर पर बदला दबाव बढ़ाते हैं और फिर ट्रांजैक्शन की समस्या देखने को मिला यह नियमइन्हीं समस्याओं को सावधान करने के लिए लाया गया इसका सीधा असर न केवल यूजर पर पड़ेगा बल्कि व्यापारी और एप डेवलपर को भी पड़ेगा

1 अगस्त से UPI के 6 नियम

NCPI से 1 अगस्त की पर लागू होने जा रहा है 6 नियम जिन्हें सभी यूपीआई प्लेटफार्म जैसे गूगल पर फोन पर पेटीएम आदि पर पालन करने की आवश्यक हुआ यह नियम यूजर्स को दैनिक लेनदेन व्यवहार नियंत्रित करेगा और लाइसेंसताकि सिस्टम बेहतर तरीका से कम कर सकेगा 

बैलेंस चेक करने की संख्या सीमित 

आप सभी एक यूपीआई पर दिन में केवल 50 बार ही बैलेंसचेक कर पाएंगे इसका अधिक जांच करने की आपकी अनुमति नहीं मिलेगी वहीं मोबाइल नंबर से लिंक बैंक खाते की संख्या भी दिन में 25 बार सीमित कर दी गई है इस सर्वर पर अचानक बुखार कम हो जाए सिस्टम करें होने की संभावना घटेगा इसलिए यह नियम कोलागू किया गया 

2.ऑटो ट्रांजैक्शन किस समय की नए नियम 

ऑटो पर भुगतान जैसे नेटफ्लिक्स सब्सक्रिप्शन शिप एमी आदि भुगतान पर अब केवल तय की गई समय समय में ही होगा यह समय साल्ट सुबह 10:00 बजे पहले दोपहर 1:00 बजे शाम 5:00 बजे रहेगा रात 9:30 के बाद ऑटो ट्रांजैक्शन संभव होगा इसकी सिस्टम पर लोड संतुलन रहेगा 

3 ऑटो ट्रांजैक्शन के समय नई समय सीमा 

यदि कोई ट्रांजैक्शन फेल हो जाता तो उसका स्टेटस केवल तीन दिन बाहर में देखा जा सकेगा अब हर स्टेट की जांच कम से कम 90 सेकंड के अंतराल में जरूरी होगा इसे कोई अनावश्यक स्टेटमेंट चेक करने में फायदा होने वाला दवा पर रोकदिया जाएगा 

4.QR कोड और दूसरे ट्रांजैक्शन पर कोई बड़ाप्रभाव नहीं 

UPI के माध्यम सेक्यूआर कोड भुगतान सीधे पैसे ट्रांजैक्शन करने में कोई नया प्रबंध नहीं होगा प्रक्रिया आप पहले की तरह चलते रहेगा जिसे पर्सनल समस्या पेमेंट आसानी बनेगा 

5 रोजाना लेनदेन की सीमा में कोई बदलाव नहीं 

हालांकि कई नए नियम है लेकिन रोजाना लाखों रुपए तक यूपीआई ट्रांजैक्शन करने की सीमा बनी हुई हैएक आम यूजर्स एक दिन में ₹100000 ट्रांजैक्शन कर सकता है शिक्षा या स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित भुगतान हो तो सीमा ₹5 लाख तक बढ़ जाती है 

ये सभी नए नियम गूगल पे, फोन पे, पेटीएम सहित देश के सभी प्रमुख यूपीआई ऐप्स पर समान रूप से लागू होंगे। इससे यूपीआई के हर उपयोगकर्ता के लिए समान अनुभव सुनिश्चित होगा, चाहे वह किसी भी ऐप का इस्तेमाल करे।

यूपीआई नियमों के पीछे सरकार और NPCI की सोच

भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया के तहत यूपीआई को देश के सबसे बड़े और भरोसेमंद भुगतान प्लेटफार्म के रूप में विकसित किया है। NPCI इसके संचालन का प्रबंधन करता है। हाल के महीनों में यूपीआई पर भारी ट्रैफिक और सिस्टम की अस्थिरता लगातार परेशानी बनी हुई थी। 2025 की पहली तिमाही में कई बार यूपीआई ऐप्स की सेवा ठप हो गई थी, जिससे लाखों लोगों को भुगतान में दिक्कतें आईं।

इन्हीं समस्याओं से निपटने के लिए NPCI ने यह कदम उठाया है। इससे ट्रांजैक्शन की संख्या को नियंत्रित करके सिस्टम पर दबाव कम होगा, जिससे यूपीआई सेवा ज्यादा भरोसेमंद और तेज़ बन सकेगी। साथ ही, ये नियम उपयोगकर्ताओं के लिए भी जरूरी जानकारी प्रदान करते हैं और उन्हें नियंत्रित व्यवहार अपनाने में मदद करेंगे।

निष्कर्ष 1 अगस्त 2025 से लागू हो रहे यूपीआई के छह नए नियम डिजिटल भुगतान को और अधिक स्थिर तथा सुरक्षित बनाने के लिए बनाए गए हैं। ये नियम यूपीआई ऐप के उपयोग में कुछ सीमाएं तो लगाएंगे, पर इससे सेवा की गुणवत्ता और उपयोगकर्ता का अनुभव बेहतर होगा। NPCI का मकसद यूपीआई को प्रत्येक भारतीय के लिए और भी भरोसेमंद और सुविधाजनक बनाना है ताकि डिजिटल भारत का सपना पूरा हो सके।

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